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जयपुर: भूलकर भी ना घुसना राजस्थान के इस इलाके में, इंडियन आर्मी को मिली फायरिंग की छूट*

महाजन फील्ड फायरिंग रेंज – बड़ी खबर

महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में कई दिनों से हो रही तेल चोरी और घुसपैठ की घटनाओं के बाद सेना अब कड़े एक्शन मोड में आ गई है। सैन्य अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि रात के समय रेंज क्षेत्र में अवैध रूप से घुसने वालों पर ड्यूटी पर तैनात संतरी जरूरत पड़ने पर हथियार का उपयोग कर सकेंगे। इस संबंध में आसपास की ग्राम पंचायतों और संबंधित पुलिस थानों को लिखित सूचना भेज दी गई है।

सैन्य सूत्रों के अनुसार, पिछली कई रातों से बाहरी लोग पिकअप आदि वाहन लेकर रेंज में घुसकर पेट्रोल-डीजल चोरी कर रहे थे। लगातार बढ़ रही चोरी की इन घटनाओं से जवान व अधिकारी चिंतित थे। समीक्षा बैठक के बाद तय किया गया किरात्रि ड्यूटी पर हथियारबंद संतरी तैनात रहेंगे।रात में कोई रेंज एरिया में घुसेगा तो उसे पहले ललकारा जाएगा।इसके बाद भी भागने या प्रतिरोध की स्थिति में संतरी को फायर करने की छूट रहेगी।

सूचना गाँव–गाँव तक पहुँची

  • रेंज के एडम कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल अजेय ग्रेवाल ने आदेश की प्रति आसपास की ग्राम पंचायतों के सरपंचों सहित महाजन, राजियासर, छतरगढ़ और लूणकरनसर पुलिस थानों को भेजी है।
    इन दिनों रेंज क्षेत्र में युद्धाभ्यास के लिए बड़ी संख्या में सैनिक डेरा डाले हुए हैं।
    ग्राम पंचायतों के सरपंचों को पत्र लिखकर और रेंज के चारों कैंपों के आसपास के गांवों में यह सूचना प्रसारित कर दी गई है, ताकि कोई भी अनजाने में भी रेंज क्षेत्र में प्रवेश न करे।

सोमवार से भारत–यूके संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अजेय वारियर’

इधर, भारत और यूनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड) का संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अजेय वारियर’ का आठवां संस्करण भी सोमवार से महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में शुरू होगा।
इस अभ्यास के मुख्य उद्देश्य:आतंकवाद विरोधी अभियानों में बेहतर तालमेल,आधुनिक युद्ध परिदृश्यों में संयुक्त कार्रवाई की क्षमता बढ़ाना,दोनों सेनाओं के बीच समन्वय, भाषा संवाद और हथियारों की जानकारी का आदान–प्रदान।यह संयुक्त युद्धाभ्यास 14 दिन तक चलेगा। यूके की सैन्य टुकड़ी अपने हथियारों और साजोसामान के साथ भाग लेगी। इस दौरान दोनों देशों के सैनिक संयुक्त सैन्य ऑपरेशन, एक-दूसरे के हथियारों की कार्यप्रणाली और रणनीतिक अभ्यास को साझा करेंगे।

भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमान के रणबांकुरा डिवीजन द्वारा रेगिस्तान क्षेत्र में युद्ध तैयारी और परिचालन दक्षता का आकलन किया गया।
सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने स्वयं अभ्यास की समीक्षा की और जवानों की तैयारियों का जायजा लिया।

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