आत्मा योजना के तहत खेजड़ी की ‘थार शोभा’ किस्म को बढ़ावा, 200 किसानों को मिलेंगे पौधे
जिला डीडवाना-कुचामन में आत्मा योजनान्तर्गत नवाचार गतिविधि के तहत स्थानीय परिस्थितियों में अत्यंत उपयोगी मानी जाने वाली खेजड़ी की ‘थार शोभा’ किस्म को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2025-26 के लिए विशेष कार्यक्रम को स्वीकृति प्रदान की गई है।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक हरिओम सिंह राणा ने बताया कि जिले का अधिकांश क्षेत्र मरुस्थलीय जलवायु से प्रभावित है, ऐसे में खेजड़ी किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी वनस्पति साबित होती है। इससे पौष्टिक चारा, कच्ची फलियाँ और उच्च गुणवत्ता वाली सांगरी प्राप्त होती है, जो किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
क्यों चुनी गई ‘थार शोभा’ किस्म?
-
CIAH बीकानेर द्वारा विकसित
-
बिना काँटे, कम ऊँचाई
-
मात्र 2–3 वर्षों में फल देना शुरू
-
7–8 वर्षों में औसत 5.88 किग्रा सांगरी एवं 6.72 किग्रा लूँग उत्पादन
इसी विशेषता को देखते हुए इस किस्म को नवाचार कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
200 किसानों को मिलेगा लाभ
आत्मा परिषद की बैठक में जिला कलक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत की अध्यक्षता में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
कार्यक्रम अंतर्गत—
-
200 चयनित किसानों को
-
प्रति किसान 10 पौधे प्रदान किए जाएंगे।
-
पौध वितरण 15 फरवरी 2026 को किया जाएगा।
लागत व अनुदान
-
पौधे की लागत: ₹100 प्रति पौधा (बाजार में लगभग ₹350)
-
50% राशि सरकार वहन करेगी
-
50% राशि किसान द्वारा सीधे CIAH बीकानेर में जमा करवाई जाएगी।
किसान के पास स्थायी सिंचाई स्रोत व तारबंदी अनिवार्य होगी। प्रस्तावित किसानों की सूची कृषि पर्यवेक्षक व सहायक कृषि अधिकारी द्वारा 20 दिसम्बर तक कार्यालय में प्रस्तुत कर दी जाएगी।

