पढ़ाई का सपना लेकर रूस गए राजस्थान के युवक की युद्ध में मौत, ताबूत में लौटा शव
अध्ययन के लिए गया था रूस मोटी कमाई का झांसा देकर सेना में भर्ती यूक्रेन सीमा पर युद्ध क्षेत्र में भेजा तीन महीने पहले सामने आया था वीडियो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुहार भी नहीं आई काम

बीकानेर। जिले के छोटे से अरजनसर गांव से विदेश में पढ़ाई का सपना लेकर रूस गए युवक अजय गोदारा की रूस–यूक्रेन युद्ध के दौरान मौत हो गई। बुधवार को अजय का शव रूस से भारत लाया गया और गुरुवार सुबह दिल्ली पहुंचा, जहां से परिजन उसे शाम को पैतृक गांव अरजनसर लेकर आए। गांव में शोकाकुल माहौल के बीच उसका अंतिम संस्कार किया गया। शव के साथ रूसी सरकार का पत्र, रूसी सेना की वर्दी और रूसी ध्वज भी भेजा गया।
महावीर प्रसाद के इकलौते पुत्र अजय गोदारा को 28 नवंबर 2024 को अध्ययन वीजा पर रूस भेजा गया था। परिजनों के अनुसार रूस पहुंचने के बाद अजय को मोटी कमाई का झांसा देकर दलालों के जरिए रूसी सशस्त्र बल में भर्ती कर लिया गया। अजय को किचन वर्क के नाम पर भर्ती किया गया था, लेकिन बाद में उसे यूक्रेन सीमा पर युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया। अन्य भारतीय युवकों की तरह अजय को 16 अगस्त 2025 को रूसी आर्मी में भर्ती किया गया था।
युद्ध क्षेत्र में भेजे जाने के बाद अजय लगातार परिवार से संपर्क में था। गत 15 सितंबर को उसका एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने खुद को यूक्रेन की सिलीडोज सिटी के पास रूसी सेना के युद्ध कैंप में बताया और अपनी जान बचाने की गुहार लगाई थी। 18 सितंबर को उसने परिजनों को वीडियो कॉल कर साफ कहा था कि उसे जबरन रूसी सेना में भर्ती कर यूक्रेन में युद्ध लड़ने भेजा गया है।
अजय की स्थिति सामने आने के बाद परिजनों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मदद की गुहार लगाई और संबंधित एजेंसियों व अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन कोई ठोस राहत नहीं मिल सकी। परिजनों का कहना है कि सरकारी प्रयास महज खानापूर्ति साबित हुए। अंततः युद्ध के दौरान अजय की मौत हो गई।
अजय की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, अरजनसर सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पढ़ाई और बेहतर भविष्य का सपना लेकर विदेश गए युवक की इस दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।




