श्रम विभाग में कमीशन कांड का बड़ा धमाका – आईडी चालू होते ही दलालों की गुप्त बैठक — श्रम निरीक्षक बोला: “8% नहीं दोगे तो फार्म फाड़-फाड़कर रिजेक्ट कर दूंगा”
वायरल ऑडियो से विभाग में भूचाल — 10% तक का कमीशन रेट फाइनल करने की बातें, हजारों आवेदकों की फाइलें डील पर टंगी
श्रम विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। 5 माह पहले शिकायतों के बाद नागौर और सीकर के जिन निरीक्षकों की पावर सीज की गई थी, अब उन्हीं के विभाग से एक और तगड़ा ऑडियो स्कैंडल सामने आया है। ऑडियो में आईडी शुरू होते ही दलालों की बैठक बुलाकर कमीशन डील तय करने की बातें खुलकर सुनाई दे रही हैं।
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“8% कमीशन देना पड़ेगा… नहीं दोगे तो फार्म रद्द-रद्द कर दूंगा। फाड़कर रिजेक्ट कर दूंगा…!”ऑडियो वायरल होते ही विभाग में खलबली मच गई है। नई आईडी शुरू होते ही दलालों को बुलाकर मीटिंग की गई। निरीक्षक ने साफ कहा— “मेरे पास 500 फॉर्म हैं, 8% से कम नहीं लूंगा।” दलाल बोला— “7% कर दो।” निरीक्षक ने काटते हुए जवाब दिया— “नहीं… 8% ही फाइनल है।” पुरानी भर्ती में प्रति फॉर्म 300–500 रुपए की बात तय हुई। जो कमीशन देगा उसका काम पहले, न देने वाले के फॉर्म “रिजेक्ट” करने की धमकी। टेबल पर कमीशन का पूरा “हिस्सेदारी बंटवारा” डिस्कस— निरीक्षक का 8%, बाकी दलालों में।ऑडियो के मुताबिक, कई फाइलें कमीशन न मिलने पर जानबूझकर रोकी जा रही थीं। फेल मामलों को पास कराने और पास मामलों को फेल करने तक की बातें चर्चा में।
आवेदकों की आवाज — ‘कमीशन नहीं दो तो महीनों फाइल नहीं चलती’
ज़िलेभर के आवेदक अब खुलकर सामने आ रहे हैं।
लोगों का कहना है—
“जो पैसा दे देता है उसकी फाइल उसी दिन आगे बढ़ जाती है… और जो नहीं दे पाए, उसका काम महीनों अटका रहता है।”
उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज
ऑडियो वायरल होने के बाद विभिन्न संगठनों, आवेदकों और जागरूक नागरिकों ने इस पूरे प्रकरण की एसआईटी जांच की मांग उठाई है।
लोगों का कहना है कि विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अब कड़ी कार्रवाई जरूरी है।




