मौत के बाद भी मानवता की सेवा
नेत्रदान से दो नेत्रहीनों को मिली नई रोशनी

डोडियाना। रक्षा चौहान। पादूकलां
समाजसेवी स्व. रूपाराम प्रजापत के बड़े पौत्र एवं योग शिक्षक संदीप कुमार प्रजापत (24) का शनिवार को अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल जे.एल.एन. अस्पताल, अजमेर ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। संदीप कुमार के असामयिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार के बड़े पिताजी गिरधारी लाल प्रजापत ने जानकारी देते हुए बताया कि संदीप कुमार एक कुशल योग शिक्षक थे तथा अपने शांत स्वभाव, मिलनसार व्यवहार और उच्च चरित्र के कारण समाज में विशेष पहचान रखते थे। वे अपने परिवार में पिता घनश्याम प्रजापत, माता, दो भाइयों एवं एक बहन में सबसे बड़े थे।
✨ मानवता की मिसाल
संदीप कुमार ने जीवन रहते ही नेत्रदान का संकल्प लिया हुआ था। उनके निधन के पश्चात किए गए नेत्रदान से दो नेत्रहीनों को नई दृष्टि प्राप्त होगी। उनका यह पुनीत निर्णय न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।
युवा अवस्था में हुए इस हृदय विदारक निधन से डोडियाना गांव में गहरा शोक व्याप्त है। अंतिम दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाजजन एवं परिचित उपस्थित रहे। सभी ने संदीप कुमार को एक संस्कारी, होनहार एवं सेवाभावी युवा बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।




