पादूकलां में नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ श्रद्धा व भक्ति के साथ सम्पन्न
ग्लोबल डीडवाना संदेश। रक्षा चौहान। पादु कला
पादूकलां। अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज (हरिद्वार) के तत्वावधान में आयोजित नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं संस्कार महोत्सव शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और अनुशासनपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर 31 दंपतियों ने सपत्नीक देव पूजन कर यज्ञ वेदी पर गायत्री माता को आहुतियां अर्पित कीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ देवकन्या मंडल द्वारा सामूहिक गायत्री चालीसा पाठ से हुआ। इसके पश्चात देव पूजन, गुरु पूजन एवं यज्ञ अनुष्ठान के साथ शंखनाद गूंज उठा। यज्ञशाला में गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, सूर्य गायत्री एवं हनुमान गायत्री के जप से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय हो गया।
पादूकलां, सेंसड़ा, रियांबड़ी, मेवड़ा, थाट, नेतडिया एवं कुचामन पलाड़ा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत 21 श्रद्धालुओं ने ज्ञानदूत बनने का संकल्प लिया, जबकि 20 लोगों ने नित्य स्वाध्याय एवं व्यसनमुक्त जीवन अपनाने की प्रतिज्ञा की। महिलाओं ने घर-घर बलिवैश्व एवं नित्य हवन का निश्चय किया।
शांतिकुंज हरिद्वार की टोली से श्रीमती भगवती स्वामी एवं श्रीमती कमला देवी सोनी ने यज्ञ की महिमा पर विस्तार से प्रकाश डाला। सायंकाल प्रज्ञा पुराण कथा में कथा वाचक ने व्यक्ति, परिवार एवं समाज निर्माण पर प्रेरक संदेश दिए।
कार्यक्रम में प्रांतीय प्रचारक गोपाल स्वामी, वीरू सिंह, दाऊलाल, नरेश, तथा गायत्री परिवार के प्रतिनिधि दिनेश फड़ोलिया, पंडित हस्तीमल उपाध्याय, सुगनचंद पारीक एवं सीताराम सोनी ने व्यवस्थाएं संभालीं। उपाचार्य का दायित्व श्रीमती निर्मल पारीक स्वामी एवं श्रीमती कृष्णा देवी के नेतृत्व में बालिकाओं ने निभाया। श्रद्धालुओं ने सूर्य भगवान को अर्घ्य अर्पित किया और यज्ञशाला की 108 परिक्रमा की।
गायत्री परिवार के सदस्य दिनेशराम फड़ोलिया ने बताया कि संस्कार महोत्सव के अंतर्गत आगामी कार्यक्रमों में पुंसवन (गर्भोत्सव), गुरु दीक्षा एवं जनेऊ संस्कार आयोजित किए जाएंगे। शनिवार, 3 जनवरी को गर्भवती महिलाओं का पुंसवन संस्कार सम्पन्न होगा, वहीं सायं 4:15 बजे से प्रज्ञा पुराण कथा के साथ 1100 दीपों से दीप महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा।



