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राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोलिया के सामने ग्रामीणों का धरना, अव्यवस्थाओं पर फूटा आक्रोश

डॉक्टर अनुपस्थित, दवाइयों की सप्लाई, जर्जर भवन व स्टाफ की कमी के आरोप

कोलिया।
आज राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोलिया के सामने ग्रामवासियों ने अस्पताल में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं एवं स्वास्थ्य प्रशासन की लापरवाही को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर की नियमित उपस्थिति नहीं रहती और लंबे समय से डॉक्टर को अस्पताल में बैठते हुए नहीं देखा गया। अधिकांश समय केवल नर्सिंग स्टाफ ही मौजूद रहता है, जो बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाइयां वितरित करता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में उपलब्ध कई प्रकार की दवाइयों को मरीजों को नहीं देकर रात के समय कहीं और सप्लाई किया जाता है। दवाइयां कहां भेजी जाती हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी ग्रामीणों को नहीं है, लेकिन अस्पताल से दवाइयों की आपूर्ति होने का आरोप लगाया गया है।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने अस्पताल भवन की जर्जर स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल की मरम्मत का कार्य लंबे समय से स्वीकृत होने के बावजूद अभी तक शुरू नहीं हुआ है। अस्पताल की छत की पट्टियां टूटी हुई पड़ी हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन इस ओर प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अस्पताल में पूरा नर्सिंग स्टाफ भी तैनात नहीं रहता। कई बार केवल एक या दो स्टाफकर्मी ही मौजूद रहते हैं, वह भी कभी-कभी, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
धरना आज सुबह करीब 8 बजे शुरू हुआ, जो समाचार लिखे जाने तक शाम तक लगातार जारी रहा। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक वे धरने से नहीं उठेंगे। ग्रामीण सुबह से शाम तक भूखे-प्यासे रहकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
धरना-प्रदर्शन के दौरान जगमाल धेतरवाल (RLP), भेरूसिंह (BJP), बूथ अध्यक्ष कोलिया, अमरचंद मेघवाल, वार्ड पंच (वार्ड संख्या 2), रामदेव जेवलिया, सुमेर सिंह, राकेश माली, राजेश माली, सुखराम गिला, इमरान सोलंकी, अकरम, रोहित, लखवीर, राहुल रेनीवाल, काना राम फूलचंद, अजरूद्दीन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल में डॉक्टर की नियमित तैनाती की जाए, दवाइयों के स्टॉक व वितरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अस्पताल भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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