डीडवाना। कस्टोडियन भूमि को वापस लेने की मांग को लेकर किसान संघर्ष समिति द्वारा चल रहा महापड़ाव बुधवार को 11वें दिन महिलाओं की भागीदारी के नाम रहा। सुबह से ही बड़ी संख्या में महिलाएँ धरना स्थल पर पहुंचीं और पूरे दिन आंदोलन की कमान महिलाओं ने संभाले रखी। महिलाओं ने मंच से प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया कि कस्टोडियन भूमि की लड़ाई में वे किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं।
आज के कार्यक्रम में सुमन डूडी, सहकारी समिति की चेयरमेन एवं पूर्व विधायक चेतन डूडी की पत्नी, सारिका चौधरी महिला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष, सुमित्रा चोपड़ा सीपीएम की प्रदेश नेता, सुनीता साई जनवादी महिला समिति की अध्यक्ष सीकर, और तारा धायल किसान सभा सीकर जिला कमेटी सदस्य मौजूद रहीं। इन सभी ने महापड़ाव में शामिल होकर आंदोलन को और मजबूती प्रदान की।
महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगें समय पर नहीं मानीं तो वे कलेक्ट्रेट के बाहर भी दिन-रात धरना देने के लिए तैयार हैं। महिलाओं का कहना था कि कस्टोडियन भूमि किसानों का अधिकार है और इस लड़ाई में किसी भी प्रकार का पीछे हटना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यह महापड़ाव अब केवल किसानों का आंदोलन नहीं रहा, बल्कि पूरे समाज की आवाज बन चुका है।
सभा के बाद सुमन डूडी ने महिलाओं के साथ धरना स्थल से कलेक्ट्रेट तक शक्ति प्रदर्शन भी किया। महिलाओं की इस एकजुटता ने आंदोलन को नई दिशा और मजबूती दी। पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन आईसा इक़बाल बालिया ने किया।


