दिल्ली ब्लास्ट केस में बेटे का नाम सामने आने पर पिता ने की आत्मदाह, अस्पताल में मौत
नई दिल्ली/श्रीनगर
दिल्ली ब्लास्ट मामले में एक दर्दनाक मोड़ सामने आया है। NIA ने डॉक्टर उमर नबी के सहयोगी बताए जा रहे जासीर बिलाल वानी उर्फ़ दानिश को श्रीनगर से गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसके पिता बिलाल अहमद वानी ने सदमे में आकर खुद को आग लगा ली। जासीर की गिरफ्तारी और उसके आतंकी साजिश में शामिल होने की खबर से पिता बेहद शर्म और मानसिक तनाव में थे। उन्हें बेटे से मिलने की अनुमति भी नहीं मिली, जिससे वे और टूट गए। इसी मानसिक दबाव और निराशा के चलते उन्होंने अपने घर के पास ही खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुँचाया, जहाँ वे 80–90 प्रतिशत तक जल चुके थे और आखिरकार इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
NIA ने जासीर वानी को उस साजिश में सक्रिय सहयोगी बताया है, जिसमें दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट की प्लानिंग और तकनीकी तैयारी शामिल थी। एजेंसी का दावा है कि जासीर ने डॉक्टर उमर नबी के साथ मिलकर विस्फोटक मॉड्यूल से जुड़ी कई तकनीकी सहायता दी थी। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा में दिल्ली लाया गया और कोर्ट ने उसे NIA की कस्टडी में भेज दिया है। पिता की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है और इलाके में भी इस घटना से मायूसी का माहौल है। यह पूरा मामला न सिर्फ आतंकवाद की एक साजिश को उजागर करता है, बल्कि उन परिवारों की पीड़ा भी सामने लाता है जो ऐसे मामलों के बाद सामाजिक और मानसिक संकट से गुजरते हैं।

