
चितावा थाना पुलिस ने रंगदारी वसूली की साजिश को नाकाम करते हुए व्यापारी की निजी जानकारी अपराधियों तक पहुंचाने वाले आरोपी आन्नद सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेमीचन्द खारिया और वृताधिकारी मुकेश चौधरी की देखरेख में की गई।
घाटवा निवासी कारोबारी दातार सिंह को नवरात्रा के दौरान धमकी भरे कॉल और व्हाट्सएप मैसेज मिले थे। सबसे पहले उन्हें विदेशी नंबर +351963516681 से कॉल आया, जिसमें ‘खर्चा पानी’ की मांग कर दबाव बनाया गया। प्रतिक्रिया न मिलने पर 10 अक्टूबर को व्यापारी को एक व्हाट्सएप वॉइस मैसेज भेजा गया, जिसमें खुद को विरेंद्र बताते हुए धमकी दी गई कि “अगर दिमाग में गोगामेड़ी या किसी राजपूत का नाम हो तो निकाल देना।”
इसके बाद उसी नंबर से लगातार व्हाट्सएप कॉल कर कारोबारी को डराने और रंगदारी वसूलने का प्रयास किया गया। शिकायत पर पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और बड़ा खुलासा हुआ कि कुख्यात विरेंद्र चारण गैंग तक व्यापारी की निजी जानकारी पहुंचाने वाला कोई और नहीं बल्कि आन्नद सिंह ही था।
जांच में सामने आया कि गैंग का सदस्य जीतू चारण (जीतेन्द्र चारण)—जो कुचामन के चर्चित रमेश रुलानिया हत्याकांड में गिरफ्तार है—उससे पूछताछ और मोबाइल डेटा विश्लेषण के दौरान आन्नद सिंह की भूमिका के स्पष्ट सबूत मिले। इसके आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूरी कार्रवाई का नेतृत्व तेजाराम, पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी चितावा ने किया।
हैड कांस्टेबल पुखराज ने तकनीकी इनपुट जुटाए,
कांस्टेबल राकेश सामोता ने संपर्कों और गतिविधियों की जांच की,
कांस्टेबल धर्माराम ने निगरानी रखकर टीम को महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई,
और कांस्टेबल हेमाराम ने गिरफ्तारी अभियान में सक्रिय सहयोग दिया।
पुलिस का कहना है कि गैंग की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।



