जोधियासी गांव छावनी में तब्दील
मूर्ति स्थापना को लेकर देर रात विवाद

नागौर।
जोधियासी गांव में महाराजा सूरजमल की मूर्ति स्थापना को लेकर सोमवार देर रात अचानक तनाव की स्थिति पैदा हो गई। बस स्टैंड के पास मूर्ति की नींव रखने की जानकारी सामने आते ही दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते-देखते विवाद में बदल गई। ग्रामीणों के विरोध और बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया।
विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने तुरंत एक्शन लेते हुए पांच थानों का जाब्ता और RAC की एक कंपनी गांव में तैनात की है। नागौर वृत्ताधिकारी (DSP), तहसीलदार सहित कई अधिकारी सुबह से ही मौके पर मौजूद हैं और हालात की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस ने गांव में कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही पर भी नियंत्रण किया है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब देर रात कुछ ग्रामीणों को पता लगा कि बस स्टैंड के निकट महाराजा सूरजमल की प्रतिमा लगाने की तैयारी की जा रही है। प्रतिमा के स्थान और प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के लोग मौके पर इकट्ठे हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और भीड़ को शांत करने का प्रयास किया।
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात रखा गया है। प्रशासन दोनों पक्षों से लगातार बातचीत कर रहा है ताकि विवाद को शांतिपूर्ण समाधान की ओर ले जाया जा सके। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
महाराजा सूरजमल जाट इतिहास के प्रमुख शासक रहे हैं और भरतपुर राज्य के संस्थापक भी थे। उनके प्रति समुदाय की गहरी आस्था है, जिसके चलते प्रतिमा स्थापना से जुड़ी भावनाएं मजबूत हैं। यही कारण है कि विवाद बढ़ने पर प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी।



