मोबाइल हॉटस्पॉट से साइबर ठगी का नया जाल
डीडवाना।
मोबाइल हॉटस्पॉट के माध्यम से होने वाली साइबर ठगी के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए मानवाधिकार फाउंडेशन के तत्वावधान में जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर लोगों को इसके खतरे और बचाव के तरीके विस्तार से समझाए गए।
अभियान का नेतृत्व करते हुए आनंद अंबाबा ने बताया कि आजकल साइबर क्रिमिनल्स मोबाइल हॉटस्पॉट को ठगी का नया माध्यम बनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ठग बहुत साधारण सा तरीका अपनाते हैं—
कोई व्यक्ति आकर कहता है,
“भैया, रिचार्ज खत्म हो गया… बस एक मिनट हॉटस्पॉट दे दो।”
जैसे ही कोई व्यक्ति मदद करने के लिए हॉटस्पॉट ऑन करता है, उसी समय उसका मोबाइल साइबर हमले की जद में आ जाता है। ठग पीड़ित के फोन में मैलवेयर भेज देते हैं, जो बिना दिखाई दिए इंस्टॉल होकर मोबाइल की कॉल, SMS, OTP, UPI लेन-देन और बैंकिंग ऐप्स तक की निगरानी करने लगता है।
आनंद अंबाबा ने बताया कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए हर व्यक्ति को सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
कैसे करें बचाव?
मोबाइल हॉटस्पॉट हमेशा पासवर्ड प्रोटेक्टेड रखें
किसी भी अनजान व्यक्ति को हॉटस्पॉट न दें
उपयोग न होने पर हॉटस्पॉट और ब्लूटूथ तुरंत OFF कर दें
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्क रहें
मानवाधिकार फाउंडेशन ने लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत साइबर सेल से संपर्क करें और दूसरों को भी जागरूक करें।


