पहली बार विधायक जी की बगावत देखने को मिली👍
बाँठडी से केराप के बीच बबूल काटने में ठेका मात्र 5 लाख का बनेगा जिसको 30 लाख का बताया गया है ये 25 लाख कौन खाएगा??
पहली बार विधायक जी की बगावत देखने को मिली👍
बाँठडी से केराप के बीच बबूल काटने में ठेका मात्र 5 लाख का बनेगा जिसको 30 लाख का बताया गया है ये 25 लाख कौन खाएगा??
साधारण सभा की मीटिंग में लिए जाने वाले प्रस्ताव पहले ही फिक्स कर लिए जाते है।
मीटिंग में केवल पढ़कर सुनाया जाता है ये प्रस्ताव सता पक्ष के लीडरों में कमीशन खाने का बढ़िया ओर छिपा हुआ भ्रष्टाचार होता है इसीलिए पंचायत समिति सदस्यों (मंडल) को इस मीटिंग से बाहर रखा गया है।
भाई जब सरपंचों का कार्यकाल कब का खत्म हो चुका फिर वो मीटिंग में आ रहे है तो पंचायत समिति सदस्य क्यों नहीं बुलाते??
पंचायतों को 10% कमीशन पर कार्य मिलता है जो पहले ही लिए जाते है और कार्य तुरंत प्रस्ताव में लेकर तय किए जाते है।
अगर मैं कहूं पंचायत समिति में हर महीने 2 लाख रुपए से ज्यादा कमीशन जाता है तो अतिशयोक्ति नहीं है अगर किसी को यकीन नहीं है तो एक RTI सूचना के अधिकार से कॉपी मांग लो फिर मैं आपको बैठकर समझा दूंगा जनता के पैसे किस कद्र खाए जाते है।
होद (टांका) बनाने में 40% कमीशन
इंटरलॉकिंग रोड में 10% कमीशन
नाली निर्माण ओर साफ सफाई में 15% कमीशन
इसके अलावा ऐसे छिपे हुए hidden कमीशन होते है जो आपको कागज मिलने पर पढ़कर बता सकता हूं
जय जय डीडवाना जय जय विकाश के नारे लगाने के बाद पहली बार जनता के लिए काम किया है विधायक युनूस खा जी ने…..


