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कस्टोडियन भूमि पीड़ित किसानों का महापड़ाव 22वें दिन भी जारी

263 यूनिट रक्त संग्रह — महिलाओं व युवाओं की ऐतिहासिक भागीदारी विशाल बाइक रैली ने आंदोलन में भरी नई ऊर्जा संवाददाता : सुखदेव ढाका | Global Didwana News

डीडवाना। कस्टोडियन भूमि पीड़ित किसानों का 10 नवंबर से डीडवाना में चल रहा अनिश्चितकालीन महापड़ाव आज 22वें दिन भी पूरे जोश और संकल्प के साथ जारी रहा।
कड़कड़ाती सर्दी के बीच भी किसान अपनी जमीन और अधिकारों की लड़ाई को लेकर पूरी एकजुटता व दृढ़ता से संघर्ष कर रहे हैं।

पिछले 21 दिनों में किसान महापड़ाव में भजन संध्या, पैदल मार्च, नारी शक्ति रैली, कैंडल मार्च, युवा शक्ति कार्यक्रम, कवि सम्मेलन जैसे कई प्रभावी आयोजनों के द्वारा अपनी आवाज़ को बुलंद कर चुके हैं।


🚩 युवा शक्ति की विशाल बाइक रैली — हजारों युवाओं का शक्ति प्रदर्शन

22वें दिन महापड़ाव में युवाओं द्वारा एक विशाल बाइक रैली का आयोजन किया गया।
रैली सुबह 11 बजे रहमान गेट से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई नागौर पुलिया मार्ग से महापड़ाव स्थल पहुँची।

इस रैली में हजारों युवाओं की उपस्थिति ने आंदोलन को नई गति प्रदान की।
इस दौरान भागीरथ यादव, कांग्रेस नेता हाकम अली देशवाली, तथा बड़ी संख्या में मौजूद महिला शक्ति आंदोलन की अगुवाई करती दिखी।


❤️ ऐतिहासिक रक्तदान शिविर — 263 यूनिट रक्त संग्रह, महिलाओं की बढ़ी भागीदारी

बाइक रैली के बाद महापड़ाव स्थल पर आयोजित रक्तदान शिविर में डीडवाना के इतिहास में रिकॉर्ड स्तर का रक्त संग्रह हुआ।
शिविर का संचालन बाँगड़ अस्पताल डीडवाना और डीडवाना ब्लड बैंक की टीमों द्वारा किया गया।

👉 कुल 263 यूनिट रक्त संग्रहित किए गए —
जो इस क्षेत्र के इतिहास में सबसे बड़े रक्त संग्रहण में से एक है।

महिलाओं ने भी अभूतपूर्व उत्साह के साथ रक्तदान किया।
विशेष रूप से सुमित्रा थालौड़,

  • राष्ट्रीय उपाध्यक्ष — राष्ट्रीय पशुपालक संघ

  • महासचिव — यूथ कांग्रेस नागौर

ने अपनी टीम सहित रक्तदान कर महिलाओं की सक्रिय और अग्रणी भूमिका को मजबूती दी।


✊ किसानों की आवाज — “अन्नदाता भी हम, रक्तदाता भी हम”

कांग्रेसी नेता हाकम अली देशवाली ने कहा—

“263 यूनिट रक्त संग्रहित होना किसानों की मानवता और समाजसेवा का अद्भुत उदाहरण है।
यह आंदोलन सिर्फ अपनी जमीन का नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है।”

किसानों ने कहा—

“सरकार हमारे खून-पसीने से सींची जमीन छीनने की कोशिश कर रही है,
और हम मानवता की रक्षा के लिए अपना खून दान कर रहे हैं।
हम हिंसा नहीं… इंसानियत और सत्याग्रह के रास्ते पर संघर्ष करेंगे।”


🌾 आंदोलन ने पकड़ी नई रफ्तार — बढ़ती एकजुटता

महापड़ाव स्थल पर आज का दिन किसान एकता, सामाजिक योगदान और शांतिपूर्ण संघर्ष का प्रतीक बन गया।
इस दौरान भागीरथ यादव, कॉमरेड देवाराम मांड्या, मोतीलाल शर्मा, रामचंद्र बरड़वा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और महिलाएँ मौजूद रहीं।

किसानों ने पुनः दोहराया—

जब तक कस्टोडियन भूमि हमें वापस नहीं मिलती,
महापड़ाव अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

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